Posts

Showing posts from October, 2020

मुसलमान धर्म के नबी हजरत मुहम्मद जी के जीवन में कहर ही कहर रहा।

Image
मुसलमान धर्म के नबी हजरत मुहम्मद जी के जीवन में कहर ही कहर रहा। उनकी आँखों के सामने उनके तीनों पुत्र चल बसे, आखिर में उनकी भी असहाय पीड़ा से मृत्यु हुई। उनको भी पाप कर्म दण्ड भोगना पड़ा तो सोचिये उनके अनुयायियों का क्या होगा? क़ुरान सूरत फुर्कान 25 आयत 52 से 59 तक में लिखा है कि गुनाहों को क्षमा करने वाला सिर्फ एक कबीर नामक अल्लाह है उसकी पूजा विधि किसी तत्वदर्शी (बाखबर) से पूछ देखो। #LifeStory_Of_NabiMuhammad
Image
*अथर्ववेद काण्ड* नं. 4 *अनुवाक* न. 1, मन्त्र नं. 7 (पूर्ण संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा भाषा भाष्य) :- "योऽथर्वाणं पित्तरं देवबन्धुं बृहस्पतिं नमसाव च गच्छात्। त्वं विश्वेषां जनिता यथासः कविर्देवो न दभायत् स्वधावान् ।।7।।" यः - अथर्वाणम् - पित्तरम् - देवबन्धुम् - बृहस्पतिम् - नमसा - अव - च - गच्छात् - त्वम् - विश्वेषाम् - जनिता - यथा - सः - कविर्देवः - न - दभायत् - स्वधावान्  *अनुवाद* :- (यः) जो (अथर्वाणम्) अचल अर्थात् अविनाशी (पित्तरम्) जगत पिता (देवबन्धुम्) भक्तों का वास्तविक साथी अर्थात् आत्मा का आधार (बृहस्पतिम्) सबसे बड़ा स्वामी ज्ञान दाता जगतगुरु (च) तथा (नमसा) विनम्र पुजारी अर्थात् विधिवत् साधक को (अव) सुरक्षा के साथ (गच्छात्) जो सतलोक जा चुके हैं उनको सतलोक ले जाने वाला (विश्वेषाम्) सर्व ब्रह्मण्डों को (जनिता) रचने वाला (न दभायत्) काल की तरह धोखा न देने वाले (स्वधावान्) स्वभाव अर्थात् गुणों वाला (यथा) ज्यों का त्यों अर्थात् वैसा ही (सः) वह (त्वम्) आप (कविर्देवः कविर्/देवः) कबीर परमेश्वर अर्थात् कविर्देव है।

सतगुरुदेव की जय 🙏🏽**बन्दीछोड कबीर साहेब की जय**बन्दीछोड गरीबदास जी महाराज की जय**स्वामी रामदेवानंद जी महाराज की जय*फिर औंधे मुख नहीं आएगा। फिर पुनः जन्म नहीं होगा। नकली गुरुओं से काल जाल तथा यम के दूत जीव को पार नहीं होने देते क्योंकि उनके पास यथार्थ भक्ति मन्त्र नहीं होते और वह नकली सतगुरु समर्थ नहीं होता। जिस कारण से यम से अर्थात् काल से नहीं छुड़ा सकता। मुझे जो सतगुरु मिला है।

Image
 सतगुरुदेव की जय 🙏🏽* *बन्दीछोड कबीर साहेब की जय* *बन्दीछोड गरीबदास जी महाराज की जय* *स्वामी रामदेवानंद जी महाराज की जय*फिर औंधे मुख नहीं आएगा। फिर पुनः जन्म नहीं होगा। नकली गुरुओं से काल जाल तथा यम के दूत जीव को पार नहीं होने देते क्योंकि उनके पास यथार्थ भक्ति मन्त्र नहीं होते और वह नकली सतगुरु समर्थ नहीं होता। जिस कारण से यम से अर्थात् काल से नहीं छुड़ा सकता। मुझे जो सतगुरु मिला है।

पुर्ण संत रामपाल जी महाराज

Image
अध्याय 9 श्लोक 25 में भी प्रमाण है की जो पितरों की पूजा करता है वो पितरों को प्राप्त होता है जो भूत पूजते हैं वो भूत बनते हैं। मार्कण्डेय पुराण में श्राद्ध कर्म को अविद्या कहा है। ये शास्त्र विरुद्ध है। जीवित बाप के लठ्ठम लठ्ठा, मूवे गंग पहुचैया।  जब आवे आसोज का महीना, कौवा बाप बनईयां।

क्योंकि परमात्मा के ज्ञान से वह घोर पाप लगता है

Image
न कोई गलत कदम उठाने को मन करता। क्योंकि परमात्मा के ज्ञान से वह घोर पाप लगता है जैसे विष (poison) खाने के परिणाम से परिचित व्यक्ति विष को छूने से भी डरता है। वर्तमान में कबीर परमात्मा की सतभक्ति केवल पूर्ण संत रामपाल जी महाराज जी ही देने के अधिकारी हैं।

kabir is god

Image
पूर्ण परमेश्वर कभी माँ के गर्भ से जन्म नहीं लेता। लेकिन श्रीकृष्ण जी ने तो माँ के गर्भ से जन्म लिया है जबकि परमात्मा कबीर साहेब जी काशी के कमल के फूल पर प्रकट हुए। कबीर, अक्षर पुरुष एक पेड़ है, निरंजन वाकी ड़ार। तीनों देवा शाखा हैं, पात रूप संसार।। केवल कबीर परमेश्वर ने ही संसार रूपी वृक्ष की सही स्थिति बताई है जिसकी जानकारी गीता अध्याय 15 श्लोक 1-4 में भी है। गीता ज्ञान दाता ब्रह्म को भी इसकी पूर्ण जानकारी नहीं है।