मुसलमान धर्म के नबी हजरत मुहम्मद जी के जीवन में कहर ही कहर रहा।

मुसलमान धर्म के नबी हजरत मुहम्मद जी के जीवन में कहर ही कहर रहा।
उनकी आँखों के सामने उनके तीनों पुत्र चल बसे, आखिर में उनकी भी असहाय पीड़ा से मृत्यु हुई। उनको भी पाप कर्म दण्ड भोगना पड़ा तो सोचिये उनके अनुयायियों का क्या होगा?
क़ुरान सूरत फुर्कान 25 आयत 52 से 59 तक में लिखा है कि गुनाहों को क्षमा करने वाला सिर्फ एक कबीर नामक अल्लाह है उसकी पूजा विधि किसी तत्वदर्शी (बाखबर) से पूछ देखो।#LifeStory_Of_NabiMuhammad

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