परमात्मा कबीर साहेब जी अपनी अमर वाणी में कहते हैं मदिरा(शराब) पीवे कड़वा पानी, सत्तर जन्म कुत्ते के जानी।। शराब पीने से 70 जन्म तक कुत्ता बनने की सजा मिलेगी। ये खुद परमात्मा ने बताया है। आज ही त्यागें ऐसी बुरी वस्तु को।
कबीर परमात्मा ने अपने शिष्य धर्मदास को बताया कि जो मेरा संत सतभक्ति मार्ग को बताएगा उसके साथ सभी संत व महंत झगड़ा करेंगे यह उसकी पहचान होगी। जो मम संत सत उपदेश दृढ़ावे। वाके संग सभी राड बढ़ावे।। यह सब बातें सच्चे सतगुरु रामपाल जी महाराज पर ही खरी उतरती हैं।
सतगुरु की पहचान संत गरीबदास जी की वाणी में - ”सतगुरु के लक्षण कहूं, मधुरे बैन विनोद। चार वेद षट शास्त्र, कहै अठारा बोध।।“ पूर्ण संत चारों वेदों, छः शास्त्रों, अठारह पुराणों आदि सभी ग्रंथों का पूर्ण जानकार होगा। अर्थात् उनका सार निकाल कर बताएगा। सभी सद्ग्रन्थों का सार केवल पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज जी ने ही बताया है।💎पूर्ण संत की पहचान होती है कि वर्तमान के धर्म गुरु उसके विरोध में खड़े होकर राजा व प्रजा को गुमराह करके उसके ऊपर अत्याचार करवाते हैं।
मनुष्य जन्म प्राप्त करके जो व्यक्ति भक्ति नहीं करता, वह कुत्ते, गधे आदि-आदि की योनि में कष्ट उठाता है। कुत्ता रात्रि में आसमान की ओर मुख करके रोता है।सतभक्ति न करने वाले या शास्त्रविरूद्ध भक्ति करने वाले को यम के दूत भुजा पकड़कर ले जाते हैं जबकि सतभक्ति करने वाला व्यक्ति परमात्मा के साथ विमान में बैठकर अविनाशी स्थान यानी सतलोक चला जाता है।
[18/8, 8:33 am] Bhala Ram: Holy Bible Genesis 1:29 God said, “I give you every seed-bearing plant on the face of the whole earth & every tree that has fruit with seed in it. They will be yours for food. God did not order to eat meat. [18/8, 8:33 am] Bhala Ram: Stop eating meat and stop killing animals for food. It is a heinous sin. Holy Bible Genesis 1:30 To all the beasts of the earth & birds in the sky —everything that has the breath of life in it—I give every green plant for food.”
दहेज लेना या देना एक कुपरम्परा है। इसे त्याग देने में ही भलाई है।दहेज के कारण बेटी परिवार पर भार मानी जाने लगी है और उसको गर्भ में ही मारने का सिलसिला शुरू है जो माता-पिता के लिए महापाप का कारण बनता है। बेटी देवी का स्वरूप है। दहेज जैसी कुपरम्पराओं ने बेटी को दुश्मन बना दिया।
When there is a sole empire of sinners in the world, then God appears on earth in human form. He grants true knowledge, peace and happiness to the world.Supreme God Kabir appears whenever He wishes; He never takes birth from a mother because He is the Originator of all.- Saint Rampal Ji Maharaj
7. शराब पीने वाले तथा परस्त्री को भोगने वाले, माँस खाने वालों के सत्तर जन्म तक मानव या बकरा-बकरी, भैंस या मुर्गे आदि के जीवनों में सिर कटते हैं। सुरापान मद्य मांसाहारी। गमन करै भोगै पर नारी।। सत्तर जन्म कटत है शीशं। साक्षी साहेब है जगदीशं।। नशीली चीजों का सेवन तो दूर रहा किसी को नशीली वस्तु लाकर भी नहीं देनी चाहिए। गरीब, भांग तम्बाखू पीव हीं, सुरा पान सैं हेत। गौस्त मट्टी खाय कर, जंगली बनें प्रेत।। अधिक जानकारी हेतु पढ़ें पुस्तक ज्ञान गंगा
गणेश जी का भी जन्म और पुर्नजन्म होता है। वह अविनाशी नहीं हैं। वास्तव में संकट मोचन आदि गणेश हैं। हमको उनकी ही पूजा करनी चाहिये। असली विघ्नहर्ता हैं आदि गणेश बांझन को पुत्र और कोढ़िन को काया देने वाला आदि गणेश ही हैं। कबीर परमात्मा ही आदि गणेश हैं जो तीनों लोकों में प्रवेश करके सभी का पालन पोषण करते हैं। श्री गणेश जी तो केवल रिद्धि सिद्धि के दाता हैं। लेकिन पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी सर्व सिद्धि युक्त हैं।
*मांस खाना महा पाप* मुरगे से मुल्लां भये, मुल्लां फेरि मुरग। गरीबदास दोजख धसैं, पाया नहीं सुरग।। परमात्मा कबीर जी ने कहा कि हे काजी तथा मुल्ला! सुनो, आप मुर्गे को मारते हो तो पाप है। आगे किसी जन्म में मुर्गा तो काजी बनेगा, काजी मुर्गा बनेगा, तब वह मुर्गे वाली आत्मा मारेगी। स्वर्ग नहीं मिलेगा, नरक में जाओगे।