क्योंकि परमात्मा के ज्ञान से वह घोर पाप लगता है
न कोई गलत कदम उठाने को मन करता।
क्योंकि परमात्मा के ज्ञान से वह घोर पाप लगता है जैसे विष (poison) खाने के परिणाम से परिचित व्यक्ति विष को छूने
से भी डरता है। वर्तमान में कबीर परमात्मा की सतभक्ति केवल पूर्ण संत रामपाल जी महाराज जी ही देने के अधिकारी हैं।
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