दिपावली
भगवान श्री राम के वापिस अयोध्या लौटने की खुशी में वहां के लोगों ने इस दिन को दीवाली के रूप में मनाया। दिवाली का त्यौहार हर साल अक्टूबर या नवम्बर माह में आता है। ण्ण्ण् दीवाली के दिन सभी लोग अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को मिठाईए गिफ्ट आदि देते हैं। इन दिनो बहुत से लोग पटाखे फुलझड़ीया बम आदि भी जलाते हैं।
मगर यह सब उचीत नही है।यह सब गलत परम्पराये है।खुशीया किस बात की मनुष्य मात्र दुःखी है काल के लोक मैं सुख शांति कहां रही बात पटाखे फोडने की तो यह तो यह भी बहुत गलत हो रहा है। फटाको से प्रदुषण भेलता हैं। प्रदुषण से तरह तरह की बिमारीया जन्म लेती है।ईससे सुख नही यह तो दुःख को जन्म देता है।
भगवान राम के इतिहास को देखे तो प्रभु राम ने अपने जीवन मै संघर्ष और कठिनाई के सिवा कुछ नही देखा भगवान राम की शिक्षा के अनुसार चलने से मनुष्य जन्म सफल होगा दिखावा करने से नही
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